यह महिला आदिवासी महिलाओं के लिए बनाती है इको फ्रेंडली सेनेटरी पैड Sanitary Pad

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तमिलनाडु के मदुरई जिला की 42 साल की एक महिला टी कन्नम्मा (T Kannma ) ने बिजनेस चालू किया है। इसके तहत वे बायोडिग्रेडेबल सैनिटरी पैड Biodegradable Sanitary Pad बनाती हैं। इससे वह आदिवासी महिलाओं के बीच स्वस्थ जीवन शैली को बढ़ावा दे रही हैं।

टी कन्नमा सेनेटरी पैड (sanitary pad) बनाते हुए
टी कन्नमा इकोफ्रैंडली सेनेटरी पैड sanitary pad बनाती हुई (ANI)

कन्नम्मा बताती हैं कि उनके द्वारा बनाया गया पैड्स 4 से 6 घंटे लगातार चल जाता है। इसको बनाने के लिए वे नीम, एलोवेरा, त्रिफला पाउडर जैसे सामग्री का उपयोग करती हैं जिसमें एंटीबैक्टीरियल Antibacterial गुण होते हैं और गंध को शोख लेते हैं।

उनका कहना है वह ऐसा सैनिटरी नैपकिन Sanitary Napkin / Pad बनाना चाहती थी जिससे स्वास्थ्य से जुड़े परेशानी ना हो। ए एन आई (ANI) को बताते हुए उन्होंने कहा, यह 100% प्योर कॉटन से बनाया जाता है और इसमें किसी भी तरह का केमिकल का उपयोग नहीं किया जाता।

वे कहती हैं कि इको फ्रेंडली सैनिटरी नैपकिन Sanitary Pad / Napkin महिला के लिए उतना ही आवश्यक है जितना खाना और पानी।

कन्नमा कहती है मेरी औषधियों के बारे में जानने की इच्छा थी। धीरे-धीरे उनकी यह इच्छा बढ़ती गई और उन्होंने इसपर रिसर्च करना शुरू किया और महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए कुछ काम करने का सोचा।

धीरे से उन्होंने स्कूल में जाकर भी इसके बारे में बताना शुरू किया। इससे उनको पता चला कि कैसे लड़कियां कपड़ों से ही काम चला रही हैं। कुछ स्टूडेंट्स तो इसके चलते स्कूल भी नहीं आ पाते क्योंकि वे बाजार में मिलने वाले पैड्स (Sanitary Pad)खरीद ही नहीं पाती।

इसी तरह आदिवासी महिलाओं से बातचीत करके कन्नम्मा ने अपने घर पर ही पैड बनाने का बिजनेस चालू किया।

आज अंतराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर ऐसे महिलाओं और उनके काम को सलाम।

सोर्स

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