मोटापा, डायबिटीज का कारण क्या वायु प्रदुषण है? यहाँ पढ़ें

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ज़िंदा रहने के लिए हमें साँस लेना जरुरी है, और जब हम दूषित हवा साँस में ले रहे हों तो ये शरीर के लिए बहुत ही ख़राब है। इससे चलते लोगों में अस्थमा और फुसफुस सम्बन्धी बीमारी देखा जा सकता है। हाल ही में किया गया है एक स्टडी से पता चला है कि दूषित वायु सांस में लेने से आंत में होने वाले बैक्टीरिया के लिए नुकसान होता है और मोटापा, डायबिटीज, जठरांत्र से संबंधित बीमारी होने की संभावना है।

मोटापा का कारण क्या वायु प्रदुषण है ?यहाँ पढ़ें
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यह स्टडी एनवायरनमेंट इंटरनेशनल जर्नल में प्रकाशित हुआ है।

आंत में बदलाव का वायु प्रदूषण से सम्बन्ध पहली बार स्टडी किया लेकिन स्वास्थय पर दूषित वायु का असर पर और बहुत से शोध हो चुके है।

आंत में बैक्टीरिया क्या काम ?

आंत में होने वाली बैक्टीरिया हमारे खाने को प्रोसेस करके पचाने में मदद करती है। इसके अलावा यह हमारे मूड से लेकर रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी प्रभावित करती है। डायबिटीज , कोलन कैंसर , मोटापा और डिप्रेशन जैसी बिमारियों से इनका सीधा कनेक्शन है।

आंत में पाए जाने वाले बैक्टीरिया में कम विविधता होना अनेक बीमारी का कारण है

रिपोर्ट के हिसाब से आंत में कम प्रकार के बैक्टीरिया होने से बीमारी का खतरा बढ़ सकता है। ओजोन के संपर्क में रहने से बैक्टीरिया का यह विविधता घटता है और मोटापा , डायबिटीज जैसी बीमारी होती है।

वायु प्रदुषण से निम्न प्रकार से बचा जा सकता है –

  • जब भी घर से बहार निकले N 95 मास्क पहन कर बाहर निकले
  • कार का उपयोग कम से कम करें , इसके विकल्प में बाइक या पब्लिक ट्रांसपोर्ट सर्विस जैसे बस , रेल का उपयोग करें। पास के जगहों के लिए साइकिल बेहतर विकल्प है।
  • घरों में वायु शुद्ध करने वाले पौधे भी रख सकते है जैसे अलोएवेरा। ये घर के भीतर वायु प्रदुषण को कम करने में सहायक है।

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