घरों घर जाकर सब्जियां बेच रही लड़की के आत्म सम्मान की कहानी

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दिबरूगढ़ पुलिस के एक ट्वीट के अनुसार जनमोनी गोगोई, इस लॉक डाउन में अपने परिवार का सहायता करने के लिए साइकिल में घर घर जाकर सब्जियाँ बेचने का काम कर रही है। सोशल मीडिया पर लोग इस बात कि सराहना करते नहीं थक रहे।

एक रिपोर्ट के अनुसार जनमोनी गोगोई , उम्र 20 साल , बोगिबिल के सफाकति गांव कि रहने वाली है। आगे हायर एजुकेशन करना उनका सपना है लेकिन देश भर में लॉक डाउन लागु होने के बाद उन्होंने साइकिल में घर घर जाकर सब्जियां बेचना शुरू कर दिया। इससे उनके परिवार को आर्थिक सहायता हो रही है।

आगे वह बताती है कि उनके पिता पिछले 18 साल से बीमार है इसीलिए उनकी माता सब्जियाँ बेच कर घर चलाती है। पिछले दो सालों से वह सब्जियाँ बेचने में अपनी माता की सहायता कर रहीं है।

जनमोनी का कहना है कि लॉक डाउन के चलते उन्हें सब्जियां बेचने में बहुत परिशानी झेलना पड़ रहा है और सरकार के तरफ से उनको कोई सहायता भी नहीं है।

जनमोनी की यह बात जब मीडिया में फैली तो अब दिबरूगढ़ पुलिस ने उनको एक छोटा एंट्रेप्रेन्योर कहते हुए एक बाइक गिफ्ट किया है। दिबरूगढ़ पुलिस का ट्वीटर पर कहना है कि वे लड़की के आत्म सम्मान से प्रभावित हुए। उनका कहना है कि डी जी पी असम पुलिस के निर्देश में वे खुद को पुलिस फाॅर्स के साथ अर्थव्यवथा में भागीदार भी बनाना चाहते है।

पुलिस द्वारा गिफ्ट किया गया बाइक के लिए जनमोनी धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कहा कि इससे उनका काम थोड़ा आसान हो जायेगा।

लोगों तक जनमोनी की बात पहुंचने के बाद लोग उसके हायर स्टडीज (आगे की पढाई) का खर्च उठाने के लिए भी सामने आये है।

मीडिया में कवर किया गया जनमोनी गोगोई की कहानी

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