कचरा के खिलाफ इंडोनेशिया का स्पाइडर मैन

0
345

हिन्दुस्तान टाइम्स में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक पारेपर (Parepare), इंडोनेशिया के एक कैफे मैं काम करने वाले रुदी हर्टोनो  (Rudi Hurtono) अपने आसपास के तटीय क्षेत्र के लोगों को सड़कों पर पड़े कचरा उठाने के बारे में जागरूक करने में बहुत परेशानी होती थी। लेकिन मार्वेल कॉमिक्स के सुपर हीरो स्पाइडर मैन जैसे पोशाक पहनने के बाद उन्हें यह दिक्कत नहीं होती।

कचरा के खिलाफ इंडोनेशिया का स्पाइडर मैन
कचरा के खिलाफ इंडोनेशिया का स्पाइडर मैन

36 साल के हर्टोनो  बताते हैं कि शुरू में जब वे बिना स्पाइडर मैन पोशाक पहने लोगों को कचरा उठाने में मदद की बात करते थे तो कोई भी ध्यान नहीं देता था। लेकिन स्पाइडर-मैन का पोशाक पहनने के बाद लोग उनके बातों को ध्यान देने लगे।

यह भी पढ़ें : 10 में से 1 भारतीय को होगा कैंसर, डब्ल्यूएचओ ने कहा

इंडोनेशिया में कचरों का प्रबंधन करने के लिए सुविधाओं और सेवा की कमी है जिसके चलते प्लास्टिक कचरा नदियों और समुद्रों में जाते हैं।

https://twitter.com/GlobalMaat/status/1227347486244777987

इंडोनेशिया विश्व का चौथा सबसे बड़ा जनसंख्या वाला राष्ट्र। 2015 के एक स्टडी से पता चला कि इंडोनेशिया 1 साल में 32 लाख टन कचरा पैदा करता है जिसका आधे से ज्यादा भाग समुद्र में जाता है।

हर्टोनो शाम 7:00 बजे कैफे में काम करने जाने से पहले ही स्पाइडर-मैन बन कर कचरा उठाने का काम कर लेते हैं। उनके ही प्रयास के कारण अब इस समस्या को राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान दिया जा रहा है। वे समाचार पत्र और टीवी पर भी स्पाइडर मैन के पोशाक में इंटरव्यू के लिए आ चुके हैं। हर्टोनो  उम्मीद करते हैं कि सरकार कचरों की सफाई के लिए ज्यादा ध्यान देंगे, वेस्ट मैनेजमेंट के लिए कानून बनाएंगे और सिंगल यूज़ प्लास्टिक बैग पर भी कानून सख्त करेंगे।

यह भी पढ़ें : खाना आपके मनोदशा को कैसे प्रभावित करता है

उनका कहना है कि प्लास्टिक वेस्ट कम करना सबसे महत्वपूर्ण काम है क्योंकि प्लास्टिक आसानी से नहीं सड़ता।

स्टडी में यह भी पाया गया है कि इंडोनेशिया विश्व का दूसरा सबसे बड़ा प्लास्टिक प्रदूषक है। पहले स्थान पर चीन है।

इमेज |

पोस्ट अच्छा लगा तो Like करें:

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here