अनियमित रूप से सोने से बढ़ता है हार्ट अटैक का खतरा

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कभी कभी किसी काम के वजह से ठीक से नहीं सो पाने पर ज्यादातर लोगों को खराब लगता है। कुछ लोग तो रात में ही पढ़ना या काम करना पसंद करते हैं। नियमित रूप से सोना और हार्ट अटैक के बीच सम्बन्ध को आइए नीचे पढ़ते हैं।

एक नई स्टडी में पता चला है कि नियमित रूप से नहीं सोने के कारण हार्ट अटैक होने की संभावना या हृदय रोग की संभावना बढ़ सकती है। 

हार्ट अटैक Heart Attack  का खतरा अनियमित रूप से सोने से बढ़ता है

स्टडी के अनुसार अगर व्यक्ति अपने सोने की दिनचर्या में 90 मिनट की गड़बड़ी करता है तो ह्रदय से संबंधित रोग होने के संभावना बढ़ जाती है।

स्टडी में कहा गया की सात दिन कि सोने की दिनचर्या में 30 मिनट तक का फर्क से कोई हानि नहीं है।

क्कोलेस्ट्रॉल, ब्लड प्रेशर, डायबिटीज आदि में कंट्रोल होने के बाद भी नियमित दिनचर्या के हिसाब से सोना आवश्यक है।

हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के प्रोफेसर टियान्यी हुआंग बताते हैं कि सोने की दिनचर्या ठीक नहीं होने वालों को हृदय रोग होने की संभावना, 5 साल में 2 गुना बढ़ जाती है।

पहले भी सोने की दिनचर्या ठीक ना होने के कारण हाइपरटेंशन, इन्सुलिन रेजिस्टेंस(इन्सुलिन काम ना देना) और डायबिटीज के बीच संबंध को स्टडी किया जा चुका है। इस बार ह्रदय रोग के साथ इसका संबंध जांच किया गया।

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स्टडी में 2000 से ज्यादा लोग, जिनके उम्र 45 से 84 साल तक की थी उन्हें 5 साल तक जांच किया गया।

ज्यादातर युवाओं में सोने की दिनचर्या अनियमित होती है। पढ़ाई और उसके साथ काम के वजह से सोने में नियमितता नहीं बन पाती।

वैज्ञानिक हुआंग का कहना है जितना ज्यादा सोने में अनियमितता है, रिस्क उतना ही ज्यादा है।

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