क्या आप लोगों से अपने बारे में ज्यादा शेयर करके पछताते हैं

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एक स्टडी से पता चला है की जब लोग कुछ ज्यादा ही सजग (awake)और सतर्क(alert) रहते है तब जिन बातों को वे छुपाना चाहते है उसे भी बता डालते हैं। जर्नल ऑफ़ एक्सपेरिमेंटल सोशल साइकोलॉजी (Journal of Experimental Social Psychology) में प्रकाशित हुआ एक रिसर्च से पता चला है की लोग अपने सजगता और सतर्कता के कारण ही बिना सोचे अपने आप बहुत कुछ कह डालते हैं।

साइकोलॉजी - क्या आप लोगों से अपने बारे में ज्यादा शेयर करके पछताते हैं
साइकोलॉजी – क्या आप लोगों से अपने बारे में ज्यादा शेयर करके पछताते हैं

ऑस्ट्रेलिया के यूनिवर्सिटी ऑफ़ मेलबोर्न (University of Melbourne, Australia) के रिसर्चर्स ने बताया कि किसी को कुछ कहने पर अपने आप ही जो प्रतिक्रियां आते है, लोग उसी को छिपाने की कोशिश करते है जो बाद में अफ़सोस पैदा कर सकते हैं।

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लेकिन इसके विपरीत जिस समय हम बहुत सजग और सतर्क रहते उसी समय ही हम अपने बोली के प्रति अधिक सावधान भी होते हैं जैसे की इंटरव्यू , भाषण देते वक्त या जब हम अपने प्रेमी के साथ हों ।

अध्ययन के पहले पड़ाव में प्रतिभागियों को अपना डेटिंग प्रोफाइल (Dating Profile) बनाने के लिए कहा गया। उन्होंने पाया की सतर्क लोगो ने बाकियों के तुलना में अपने बारे में ज्यादा भावनात्मक और शर्मनाक बातों की खुलासा की थी।

बाद में किये गए स्टडी में यह भी सामने आया की सतर्क प्रतिभागियों के डेटिंग प्रोफाइल रिलैक्स (Relaxed)लोगों की तुलना में कम आकर्षक थी। इससे पता चलता है की अपने बारे में कुछ ज्यादा जानकारी देना भी लोगों के आकर्षकता पे बुरा प्रभाव डालता है।

एक दूसरी स्टडी में ऑनलाइन फ़्लर्ट (Online Flirt )के आदत को देखा गया और लोगों के उन घटनाओं को देखा गया जब उन्होंने दूसरों से गन्दी बातें की थी । इसमें देखा गया जब कोई व्यक्ति उत्तेजित (Aroused) होता है तब उसके द्वारा वह सब जानकारी देने की ज्यादा संभावना होती है, साधारणतः जिसे वह नहीं देता।

तीसरी स्टडी में देखा की शारीरिक व्यायाम (Physical Exercise) के बाद लोगों के अपने व्यक्तिगत जानकारियां शेयर करने के ज्यादा सम्भावना होती है।

गलत समय में गलत बातें अच्छी नहीं होती। इससे विश्वास टूटता है और हमारे चरित्र पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है। राजनेता और कपनियों के सीइओ ऐसा अक्सर करते हैं।

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जब भी हम तनाव में होते हैं हमें अपने बोली बार लगाम रखना जरुरी है, यही कारण है जिसके वजह से बहुत लोगों के बीच मतभेद होता है। अगर हमें हमेशा ही सठिकता से बात करनी है तो हमें अपने प्रतिदिन के तनाव को कम करना होगा क्यूंकि तनाव सतर्कता से सम्बंधित है।

अमेरिका में सोशल मीडिया पर शेयर करने के ऊपर हुआ रिसर्च

वहीँ अमेरिका के एक दूसरे स्टडी में सामने आया था की 40 प्रतिशत लोग जिनका उम्र 18 – 35 के बीच थी उन्होंने माना है की उन्हें अपना व्यक्तिगत जानकारी सोशल मीडिया पर पोस्ट करने की पछतावा है। 35 प्रतिशत लोगों ने अपने दोस्तों या परिवार सदस्य के बारे में डाले गए जानकारी का पछतावा है।

57 प्रतिशत लोग सोचते हैं की लोग सोशल मीडिया पर अपने विचार, एक्सपीरियंस बहुत मात्रा में शेयर करते हैं और उनको लगता है की टेक्नोलॉजी उनके प्राइवेसी (Privacy) को लूट रहा है। बहुत से लोगों ने यह भी माना की उन्हें चिंता रहती है की उनके दोस्त या परिवार सदस्य कुछ ऐसा पर्सनल चीज़ पोस्ट न कर दे जिसे वे ऑनलाइन शेयर करना नहीं चाहते।

अब सिर्फ माता – पिता को ही नहीं बल्कि बच्चों को भी अपनी प्राइवेसी की फिक्र रहती है।

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